MAHASAMUND KI JILA HOSPITAL ME ZINDAGI KO MAJAAK SAMJHA JATA HAI .
NA TO DOCTOR APNI WORK KARTE AUR NA NURSE AUR NA KOI. KISI KI JAAN RAHE YA CHALE JAYE KOI PARWAAH NAHI KARTA. LOGO KI ZINDAGI K SATH KHELA JATA HAI
ज्यादातर महासमुंद १०० बिस्तर जिला अस्पताल में मरीजो को सीधा रायपुर रेफर कर दिया जाता है।
एक हिसाब से ये जिला अस्पताल नहीं है ये सिर्फ एक डॉक्टर का क्लीनिक है क्युकी क्लीनिक में रोगी को बुखार सर्दी खांसी का ही इलाज किया जाता है और अगर कोई ऐक्सिडेंट कैसे आ जाए तो क्लीनिक में उसका इलाज नहीं किया जाता है उसी प्रकार जिला अस्पताल महासमुंद क्लीनिक है और सिर्फ सर्दी खांसी का इलाज करता है और थोड़ा गंभीर केस आता है तो सीधा रायपुर में रेफर कर दिया जाता है शासन का पैसा को बर्बाद करता है इतना बड़ा अस्पताल बनाकर जहां ना तो डाक्टर उपस्थित रहता है और ना ही कोई विशेषज्ञ इसलिए आप क्या सभी लगता है जिला तो बना दिया मगर सुविधा और इलाज नहीं मिलता।
अगर रायपुर में रेफर करने पर जिस गाड़ी में मरीज को के जाता जाता है उस गाड़ी से कमीशन फिक्स होता है जो आपको सीधा रायपुर के प्राइवेट हॉस्पिटल में जाता है।
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